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गरीबों के हक की लड़ाई में शहीद हुए चिंतामणि यादव, 23वीं पुण्यतिथि आज


रांची एक्सप्रेस संवाददाता

हंटरगंज (चतरा)। प्रखंड के तिलहेत पंचायत अंतर्गत सेलवार गांव में 23 अक्टूबर को शहीद चिंतामणि यादव की 23वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन सेलवार प्राथमिक विद्यालय परिसर में होगा। इसकी जानकारी मुखिया प्रतिनिधि रामबाबू यादव ने दी। इस मौके पर बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से नेता, बुद्धिजीवी एवं ग्रामीण शामिल होकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।चिंतामणि यादव का जन्म 12 जुलाई 1970 को सेलवार गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता स्व. लालजी सिंह यादव कांग्रेस नेता होने के साथ जन वितरण प्रणाली के दुकानदार भी थे। उनकी माता कौशल्या देवी को आज भी अपने बेटे की याद सताती है।चिंतामणि यादव ने प्रारंभिक शिक्षा मध्य विद्यालय खूटेहरा से तथा मैट्रिक की पढ़ाई आरएन उच्च विद्यालय, हंटरगंज से पूरी की। इसके बाद चतरा कॉलेज से इंटर और राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1988 में इंटर की पढ़ाई पूरी करने के दौरान ही पिता का निधन हो गया, जिससे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।स्नातक के बाद वे भाकपा (माले) से जुड़कर गरीबों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय हो गए। उनकी लोकप्रियता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें चतरा जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी। वे चाहते थे कि गरीबों को अपने अधिकारों के लिए कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से वे कानून की पढ़ाई भी करना चाहते थे।

23 अक्टूबर 2003 को कर दी गई थी हत्या

गरीबों के हक की लड़ाई में उनकी बढ़ती सक्रियता से सामंती और असामाजिक तत्वों में नाराजगी बढ़ने लगी। आरोप है कि षड्यंत्र के तहत 23 अक्टूबर 2003 को उनकी हत्या कर दी गई। उनकी शहादत ने क्षेत्र में गरीबों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को एक नई पहचान दी।शहीद चिंतामणि यादव की स्मृति को जीवित रखने के लिए उनके भाई सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में परिजन प्रत्येक वर्ष पुण्यतिथि मनाते हैं। इस वर्ष भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से उनके संघर्ष, विचारों और गरीबों के अधिकारों के प्रति समर्पण को याद किया जाएगा।