प्रशासनिक दावों की खुली पोल! दिन के उजाले में कथारा के असनापानी घाट से धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू उठाव
बेरमो:
बेरमो अनुमंडल अंतर्गत कथारा ओपी थाना क्षेत्र के *कथारा असनापानी बालू घाट* से अवैध बालू उठाव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि अवैध खनन का यह पूरा काला खेल रात के अंधेरे में नहीं, बल्कि *दिन के उजाले* में खुलेआम चल रहा है।
कैमरे में कैद की गई तस्वीरें बेहद हैरान करने वाली हैं, जिनमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कई ट्रैक्टरों पर अवैध रूप से बालू लादकर धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। ये तस्वीरें जिला प्रशासन और पुलिस के उन तमाम दावों को मुंह चिढ़ाती हैं, जिनमें अवैध खनन पर रोक लगाने के दावे किए जाते हैं।
पर्यावरण और आस्था पर पड़ रहा है बुरा असर*
आगामी लोक आस्था के महापर्व *छठ पूजा* को लेकर एक तरफ जहाँ स्थानीय स्तर पर छठ घाटों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य जोरों पर है, वहीं दूसरी तरफ बालू की इस अंधाधुंध अवैध ढुलाई से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप और संरचना गंभीर रूप से खराब हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, केवल कथारा ही नहीं, बल्कि इसके आसपास के *खेतको, जारंगडीह और चांपी* जैसे क्षेत्रों से भी बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा है।
*प्रशासन की प्रतिक्रिया*
इस पूरे मामले की गंभीर सूचना गोमिया के अंचल अधिकारी (CO) *आफताब आलम* को दूरभाष के माध्यम से दी गई है। मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने अविलंब कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन और अंचल कार्यालय की ओर से इस मामले में सिर्फ कागजी खानापूर्ति ही होती है या फिर धरातल पर बालू माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस और बड़ी कार्रवाई भी देखने को मिलती है।






