नई दिल्ली: सोने की लगातार ऊंची कीमतों का असर भारतीय बाजार में खरीदारी पर पड़ने लगा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 के दौरान भारत में सोने की कुल मांग छह साल के सबसे निचले स्तर तक पहुंच सकती है। महंगे भाव के कारण आभूषणों की खरीदारी और निवेश के लिए सोना लेने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित होने की आशंका है। भारत में सोना पारंपरिक रूप से आभूषणों, शादी-विवाह और त्योहारों की खरीदारी का अहम हिस्सा रहा है। लेकिन कीमतों में लगातार तेजी आने से आम ग्राहकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है। इसका असर विशेष रूप से आभूषण बाजार में देखने को मिल सकता है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुछ ग्राहक अपनी खरीदारी टाल सकते हैं या पहले की तुलना में कम वजन के आभूषण खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं, निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने वाले लोग भी मौजूदा कीमतों को देखते हुए सतर्क रुख अपना सकते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का यह अनुमान भारतीय सर्राफा बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। यदि कीमतों में नरमी नहीं आती है, तो आने वाले समय में आभूषण कारोबारियों और सोने के खुदरा बाजार पर इसका असर और स्पष्ट हो सकता है।
महंगे सोने से घट सकती है भारत में मांग, 2026 में छह साल के निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान






