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FirstCry की Swara Baby Products को ₹1,000 करोड़ IPO की मंजूरी, विस्तार और कर्ज चुकाने पर फोकस


नई दिल्ली: FirstCry की प्रमोटर कंपनी Brainbees Solutions से जुड़ी Swara Baby Products अब शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है। कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI से प्रस्तावित ₹1,000 करोड़ के IPO के लिए मंजूरी मिल गई है। प्रस्तावित इश्यू में ₹500 करोड़ तक का फ्रेश इश्यू और ₹500 करोड़ तक का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल है।

IPO में फ्रेश इश्यू और OFS का क्या होगा हिस्सा?

Swara Baby Products के प्रस्तावित IPO को दो हिस्सों में बांटा गया है। कंपनी नए शेयर जारी करके करीब ₹500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जबकि बाकी ₹500 करोड़ का OFS होगा। OFS के तहत मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बाजार में बेचेंगे।

मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार FirstCry की पैरेंट कंपनी Brainbees Solutions करीब ₹300 करोड़ के शेयर बेच सकती है। वहीं Anadya Bon Merchari LLP की ओर से करीब ₹200 करोड़ के शेयर OFS में पेश किए जाने की योजना है।

नई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी

IPO से मिलने वाली नई पूंजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में लगाने की योजना बना रही है। दस्तावेजों के मुताबिक करीब ₹198.2 करोड़ का इस्तेमाल मध्य प्रदेश में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए किया जा सकता है।

इस निवेश का उद्देश्य कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाना और भविष्य की मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण आधार को मजबूत करना है। Swara Baby Products फिलहाल मध्य प्रदेश के पीथमपुर और इंदौर में कई उत्पादन सुविधाएं संचालित करती है।

कर्ज घटाने पर भी रहेगा जोर

कंपनी IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल सिर्फ विस्तार के लिए नहीं करेगी। प्रस्तावित योजना में कर्ज के भुगतान और प्री-पेमेंट के लिए भी रकम रखी गई है।

दस्तावेजों के मुताबिक करीब ₹100 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी के कुछ उधारों को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने में किया जा सकता है। इसके अलावा करीब ₹27.5 करोड़ सहायक कंपनियों के कर्ज भुगतान या प्री-पेमेंट से जुड़ी जरूरतों में लगाए जाने का प्रस्ताव है।

Swara Baby Products करती क्या है?

Swara Baby Products की शुरुआत 2018 में बेबी डायपर कारोबार से हुई थी। समय के साथ कंपनी ने अपना कारोबार बढ़ाकर बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और महिलाओं के हाइजीन उत्पादों तक विस्तारित किया है।

कंपनी बेबी डायपर, एडल्ट डायपर, सैनिटरी नैपकिन और पैंटी लाइनर जैसे उत्पाद बनाती है। यह कई कंपनियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग भी करती है और अपने Cuddles तथा Shield ब्रांड के उत्पाद भी बेचती है।

कारोबार और मुनाफे में भी बढ़ोतरी

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार FY26 में Swara Baby Products का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब ₹1,163.9 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह लगभग ₹943 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा बढ़कर करीब ₹95.6 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में लगभग ₹80.7 करोड़ था।

कंपनी के कारोबार में बेबी डायपर की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है। FY26 में बेबी डायपर से करीब 79 प्रतिशत प्रोडक्ट बिक्री हुई। इससे पता चलता है कि कंपनी के कुल कारोबार में बेबी-केयर सेगमेंट की भूमिका अभी भी काफी महत्वपूर्ण है।

FirstCry के लिए भी क्यों महत्वपूर्ण है IPO?

Swara Baby Products का IPO FirstCry की पैरेंट कंपनी Brainbees Solutions के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। OFS के जरिए Brainbees अपने कुछ शेयर बेचने की योजना में है। इससे उसे अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से का मौद्रिक मूल्य हासिल करने का अवसर मिलेगा।

वहीं, Swara Baby की अलग लिस्टिंग से निवेशकों को FirstCry से जुड़े इस मैन्युफैक्चरिंग कारोबार की स्वतंत्र बाजार वैल्यू का आकलन करने का मौका मिल सकता है।

₹100 करोड़ तक प्री-IPO प्लेसमेंट की भी संभावना

कंपनी IPO से पहले करीब ₹100 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी करने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा प्लेसमेंट होता है तो फ्रेश इश्यू का आकार उसी अनुपात में कम किया जा सकता है। हालांकि, यह योजना अंतिम रूप से लागू होगी या नहीं, यह कंपनी और संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

अभी किन जानकारियों का इंतजार?

SEBI की मंजूरी मिलने के बाद भी IPO की पूरी प्रक्रिया बाकी है। अभी निवेशकों की नजर प्राइस बैंड, लॉट साइज, IPO खुलने की तारीख और लिस्टिंग डेट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों पर रहेगी।

SEBI की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि शेयर की कीमत या निवेश पर कोई निश्चित रिटर्न तय है। अंतिम शर्तें और कंपनी की विस्तृत जानकारी IPO से जुड़े अंतिम दस्तावेजों में सामने आएगी।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, FirstCry से जुड़ी Swara Baby Products का प्रस्तावित ₹1,000 करोड़ IPO भारतीय प्राइमरी मार्केट में एक महत्वपूर्ण इश्यू बन सकता है। ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू कंपनी को नई उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कर्ज घटाने के लिए पूंजी देगा, जबकि ₹500 करोड़ का OFS मौजूदा शेयरधारकों को हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का अवसर देगा। अब बाजार की नजर IPO की अंतिम तारीख, प्राइस बैंड और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर रहेगी।

कॉपीराइट-अवेयर नोट: यह स्क्रिप्ट उपलब्ध सार्वजनिक तथ्यों और ताजा रिपोर्टों को आधार बनाकर स्वतंत्र भाषा, अलग वाक्य-विन्यास और नई समाचार संरचना में तैयार की गई है। किसी मूल रिपोर्ट की भाषा या पैराग्राफ संरचना को हूबहू कॉपी नहीं किया गया है। यह निवेश की सलाह नहीं है।