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Dabur-Sesa Care Deal: NCLT ने विलय योजना को दी मंजूरी, Ayurvedic Hair Care कारोबार को मिलेगा नया विस्तार


नई दिल्ली। FMCG क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Dabur India के लिए Sesa Care को लेकर बड़ी कॉरपोरेट प्रगति सामने आई है। National Company Law Tribunal यानी NCLT की नई दिल्ली बेंच ने Sesa Care Private Limited के Dabur India में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। यह आदेश 24 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई के बाद दिया गया। हालांकि, विलय तत्काल प्रभाव से पूरा नहीं माना जाएगा। इसके लिए योजना में निर्धारित बाकी वैधानिक फाइलिंग और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।

क्या है पूरा मामला?

Dabur और Sesa Care के बीच यह सौदा नया नहीं है। इसकी प्रक्रिया अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी। उस समय Dabur ने Sesa Care के 51 प्रतिशत paid-up Cumulative Redeemable Preference Shares यानी CRPS हासिल करने की घोषणा की थी। इसके बाद दोनों कंपनियों को एकीकृत करने के लिए औपचारिक merger scheme पर आगे काम किया गया।

अब NCLT से Scheme of Amalgamation को मंजूरी मिलने के बाद इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

Sesa Care क्यों महत्वपूर्ण है?

Sesa Care Ayurvedic hair-care segment में सक्रिय ब्रांड है। Dabur के मुताबिक, Sesa की Ayurvedic positioning और premium hair-care portfolio कंपनी के मौजूदा कारोबार के साथ मेल खाती है।

Dabur का उद्देश्य Sesa Care को अपनी मौजूदा distribution network, category expertise और international market presence का लाभ देकर ज्यादा बाजारों तक पहुंचाना है। कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबारों को साथ लाने से revenue और cost synergies की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

Dabur के लिए क्या बदल सकता है?

विलय प्रभावी होने के बाद Sesa Care, Dabur के hair-care portfolio का हिस्सा बन जाएगा। इससे कंपनी को Ayurvedic और premium hair-care products के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

इसके साथ ही Dabur के व्यापक वितरण नेटवर्क का इस्तेमाल Sesa Care की पहुंच बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। खासकर उन बाजारों में जहां Dabur पहले से मजबूत distribution और international presence रखती है।

विलय अभी कब पूरा माना जाएगा?

NCLT की मंजूरी महत्वपूर्ण कानूनी चरण है, लेकिन इसके बाद भी कुछ प्रक्रियाएं बाकी हैं। Dabur ने स्पष्ट किया है कि merger scheme आवश्यक statutory filings, formalities और scheme में निर्धारित अन्य शर्तों के पूरा होने के बाद प्रभावी होगी। इसलिए NCLT approval को अंतिम परिचालन एकीकरण के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

पहले भी मिल चुकी हैं अहम मंजूरियां

विलय योजना को आगे बढ़ाने के लिए Dabur के equity shareholders और unsecured creditors की बैठक 2 मई 2026 को NCLT के निर्देशों के तहत हुई थी। इसके बाद संबंधित regulatory approvals की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। अब NCLT की sanction के साथ transaction ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।

Ayurvedic Hair Care Market पर नजर

यह विलय ऐसे समय में हो रहा है जब FMCG कंपनियां अपने मौजूदा brands को मजबूत करने के साथ-साथ अलग-अलग consumer segments में portfolio विस्तार पर भी ध्यान दे रही हैं। Sesa Care को Dabur के नेटवर्क और संसाधनों से जोड़ने का उद्देश्य इसी रणनीति का हिस्सा बताया गया है।

हालांकि, वास्तविक व्यावसायिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि merger के बाद brand integration, distribution expansion और cost efficiencies किस तरह लागू होती हैं।

निष्कर्ष

Dabur India और Sesa Care के प्रस्तावित विलय को NCLT की मंजूरी मिलना इस transaction की प्रक्रिया में एक अहम कदम है। अब आवश्यक statutory filings और अन्य शर्तें पूरी होने के बाद merger प्रभावी होगा। इसके बाद Sesa Care को Dabur के मौजूदा hair-care portfolio और distribution ecosystem के साथ जोड़ा जाएगा। कंपनी की रणनीति Sesa Care की बाजार पहुंच बढ़ाने और दोनों कारोबारों के बीच संभावित synergies का लाभ उठाने पर केंद्रित है।