जितिया व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह, संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा निर्जला उपवास
कई माताओ ने अपने बच्चों साथ की पूजा अर्चना, बच्चों के स्वस्थ और दीर्घायु की कामना
पलामू: संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना को लेकर माताओं ने जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत श्रद्धा एवं आस्था के साथ रखा। व्रत को लेकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना कर भगवान से अपनी संतान की दीर्घायु की कामना की।
जितिया व्रत को लेकर महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखा। शाम और निर्धारित पूजा-विधि के अनुसार महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की तथा जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में एकत्र होकर पूजा-अर्चना की।
व्रत को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल देखने को मिली। पूजा सामग्री, फल, मिठाई और अन्य आवश्यक सामान की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। घरों में भी व्रत को लेकर विशेष तैयारी की गई।
मान्यता के अनुसार, माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए जितिया व्रत करती हैं। यह पर्व विशेष रूप से मातृत्व की आस्था और संतान के प्रति ममता का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इस पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है।






