नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसदों और नेताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। विपक्षी दलों की प्रमुख मांग है कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर जवाब दिया जाए। 8 अक्टूबर को विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी की। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को भी INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की कोशिश जंतर-मंतर तक पहुंचकर अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाने की थी, लेकिन पुलिस ने कई मौकों पर उन्हें निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने से रोक दिया। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है। INDIA ब्लॉक के नेता SIR को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं और इसी विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का केंद्र बनाया गया है। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत INDIA ब्लॉक के कई नेता शामिल रहे हैं। पिछले दो दिनों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। राहुल गांधी ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस जवाब नहीं मिलता, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, इन राजनीतिक दावों और आरोपों पर चुनाव आयोग तथा सत्तारूढ़ पक्ष का रुख भी महत्वपूर्ण है। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के मध्य हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था काफी बढ़ाई गई है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोका रोड और जनपथ सहित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान और बैरिकेड लगाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision यानी SIR है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और नामों के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। विपक्षी दल इसे चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आ रहे आरोपों और राजनीतिक दावों के बीच चुनाव आयोग और भाजपा की ओर से किसी तरह की राजनीतिक पक्षधरता के आरोपों को खारिज किया गया है। चुनावी सूची के पुनरीक्षण को लेकर आयोग का पक्ष यह रहा है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और अयोग्य या दोहराए गए नामों को हटाना है। दिल्ली का प्रदर्शन अब केवल एक दिन की राजनीतिक गतिविधि नहीं रह गया है। INDIA ब्लॉक के नेता इसे आगे भी जारी रखने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस ने भी 8 अक्टूबर को देशभर में विरोध कार्यक्रमों का आह्वान किया है। इससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क—दोनों जगहों पर राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है। फिलहाल दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR को लेकर विपक्ष का आंदोलन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। एक तरफ INDIA ब्लॉक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं प्रशासन का फोकस राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। आने वाले दिनों में सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।जंतर-मंतर को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
विवाद की मुख्य वजह क्या है?
आंदोलन के आगे बढ़ने के संकेत
निष्कर्ष
दिल्ली में INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन तेज, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग






