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मइया सम्मान योजना का नाम गुरु माता स्व. रूपी सोरेन के नाम पर करे सरकार : विक्टर सोरेन


झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पूर्वी सिंहभूम जिला समिति की ओर से गुरु माता स्मृति शेष स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन की अध्यक्षता में साकची स्थित जिला कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने गुरु माता रूपी सोरेन के जीवन में सेवा, त्याग और संघर्ष के योगदान को याद किया। उन्होंने उनके असाधारण व्यक्तित्व की तुलना महान आदिवासी वीरांगनाओं फूलो-झानो और समाज सुधारिका सावित्रीबाई फुले से करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने झारखंड सरकार से आग्रह किया कि महिलाओं को आर्थिक संबल और सम्मान देने वाली मइया सम्मान योजना का नाम गुरु माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के नाम पर रखा जाए। इसके लिए राज्य सरकार कैबिनेट में प्रस्ताव लाए, ताकि उनके योगदान और स्मृतियों को स्थायी सम्मान मिल सके।

*उनके वात्सल्य, सेवा और प्रेम से वंचित होना सदैव पीड़ादायी रहेगा : कुणाल षाड़ंगी*

झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने अपने संबोधन में गुरु माता रूपी सोरेन के निधन को अत्यंत पीड़ादायक और मर्माहत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गुरु माता ने सदैव झारखंडी अस्मिता के सम्मान, समाज के प्रति समर्पण और निष्काम जनसेवा की सीख दी। उनके वात्सल्य, सेवा और प्रेम से वंचित होना हम सभी को हमेशा पीड़ा देता रहेगा। उनके बताए मार्ग पर चलना और उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

*वरिष्ठ नेताओं ने भी व्यक्त किए श्रद्धासुमन

श्रद्धांजलि सभा में झामुमो के वरिष्ठ नेताओं हाजी हिदायतुल्लाह खान, मोहन कर्मकार, आस्तिक महतो, लक्ष्मण टुडू, प्रमोद लाल, वीर सिंह सुरेन, आदित्य प्रधान, सरोज महापात्रा, सेंट्रल गुरुद्वारा कमिटी के भगवान सिंह, सुनील महतो, महावीर मुर्मू और सागेन पूर्ति सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए तथा गुरु माता रूपी सोरेन के जीवन और योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में खुद्दू उरांव, इंद्रजीत घोष, उमानाथ झा, रतन महतो, नासिर हुसैन, लालटू महतो, अरुण प्रसाद, दल गोविंद लोहारा, बाबू मांझी, अजय रजक, अवतार सिंह संधू, मो. समद, चंद्रावती महतो, गुरुचरण सिंह बिल्ला, सुखदेव सिंह, जसविंदर सिंह, सुरेंद्र सिंह, लक्की सिंह, फैयाज अहमद खान, कंवलजीत कौर गिल, अंकित सिंह, प्रीतम हेंब्रम, अभय पांडेय, सुशील हेंब्रम, नंटू सरकार, गुरमीत सिंह गिल, राजा सिंह, फतेह चंद्र टुडू, मो. जमील, शिवलाल लोहारा, पप्पू यादव, जगत मार्डी, मिथुन चक्रवर्ती, झरना पाल, नीता सरकार, सविता दास, सविता सिंह, बुद्धिज मुर्मू, दुर्गा बोइपाई, धनंजय महतो, कृपाल सिंह, परमजीत सिंह पम्मे, इंद्रपाल सिंह भाटिया, रमेश मुर्मू, रोहित लोहारा, विष्णु प्रधान, अशोक कुमार, अजय पांडेय, मनोज शर्मा, बादल कर्मकार, जाबिर हुसैन, बिनोद डे, सोमेन विश्वास, प्रदीप जायसवाल, विपिन शुक्ला, डी. रवि कुमार, जितेंद्र यादव, प्रभात कुमार, बबलू अख्तर, मो. अकबरुद्दीन, तनवीर हुसैन, सपन राय, सुनील दास, मिंटू सिंह, मनोज तांती, दुर्गा हांसदा, उमेश गिरी और चंदन लाल समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे।