पूर्व विधायक ने सारठ सीओ से मिलकर निर्गत वंशावली प्रमाणपत्र पर उठाया सवाल, सीओ ने किया निरस्त
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
सारठ (देवघर) : पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने सोमवार शाम सारठ के अंचल अधिकारी कृष्णचंद्र सिंह मुंडा से मिलकर अंचल कार्यालय से जारी वंशावली प्रमाण पत्र पर सवाल उठाया।
बड़बाद पंचायत के हेठबहियार गांव के कई आदिवासी समुदाय के लोगों को लेकर सारठ सीओ से मिलने पहुंचे पूर्व विधायक ने कहा कि हेठबहियार गांव के कई लोगों की चितरा पंचायत स्थित तुलसीडाबर गांव में अपनी जमाबंदी जमीन और घर भी है। लेकिन ग्रामसभा के आधार पर जारी वंशावली प्रमाण पत्र में कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं और उन्हें बेदखल करने की चेष्टा की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे वंशावली प्रमाण पत्र से चितरा कोलियरी द्वारा सीबीए एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजा और नौकरी से योग्य लोग वंचित हो जाएंगे। पूर्व विधायक ने सीओ से मिलकर अंचल कार्यालय से जारी गलत वंशावली प्रमाण पत्र को निरस्त कराया। साथ ही निर्गत वंशावली प्रमाण पत्र में छूटे हुए लोगों को पुनः ग्रामसभा के माध्यम से शामिल करने की मांग की।
वहीं सीओ केसीएस मुंडा ने कहा कि आम सभा से मिले दस्तावेज के आधार पर ही वंशावली प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। लेकिन जारी प्रमाण पत्र में यह भी लिखा जाता है कि यदि आपत्ति की शिकायत आई तो इसे अपूर्ण माना जाएगा।
पूर्व विधायक ने कहा कि यदि ऐसा अन्याय होगा तो वे चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके इशारे पर ऐसा हो रहा है।
मौके पर सीआई विभाष कुमार, बड़बाद पंचायत के मुखिया जगन्नाथ रवानी, राजस्व कर्मचारी संजय मिश्रा, केलू दास समेत कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे।






