पटना: दिवाली और छठ पूजा का समय नजदीक आते ही बिहार लौटने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। दिल्ली और आसपास के इलाकों से बिहार आने वाले लोगों के लिए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों का विकल्प बढ़ाया है। नई दिल्ली-पटना और दिल्ली-गया के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है, ताकि त्योहारों के दौरान नियमित ट्रेनों पर बढ़ने वाले दबाव को कम किया जा सके। रेलवे की जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली-पटना फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन संख्या 04088/04087 को त्योहारी सीजन में चलाया जा रहा है। उपलब्ध ताजा कार्यक्रम के अनुसार इस सेवा की अवधि भी बढ़ाई गई है। नई दिल्ली से पटना के बीच ट्रेन के अतिरिक्त फेरे 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक निर्धारित किए गए हैं, जबकि पटना से नई दिल्ली की वापसी सेवा 27 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलने की जानकारी दी गई है। दोनों दिशाओं में 36-36 फेरे निर्धारित किए गए हैं। इस अतिरिक्त सेवा से दिल्ली-NCR में रहने वाले उन यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो दिवाली और छठ के दौरान अपने घर बिहार लौटना चाहते हैं। बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र गया के लिए भी रेलवे ने विशेष ट्रेन की व्यवस्था की है। ताजा जानकारी के अनुसार दिल्ली-गया फेस्टिवल स्पेशल को सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है। शनिवार को इस ट्रेन का संचालन नहीं होगा। वापसी दिशा में गया से दिल्ली के लिए सेवा निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक सप्ताह में छह दिन चलेगी और रविवार को ट्रेन नहीं चलेगी। इस व्यवस्था से गया और आसपास के जिलों के यात्रियों को भी दिल्ली से सीधे जुड़ने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। रेलवे ने त्योहारों की भीड़ को देखते हुए 10 अक्टूबर से नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन चलाने की भी जानकारी दी है। ट्रेन संख्या 04088 नई दिल्ली से पटना के लिए निर्धारित अवधि में रोजाना चलने वाली है, जबकि पटना से नई दिल्ली के लिए 04087 वापसी सेवा अगले दिन से निर्धारित है। इस सेवा का मार्ग प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर पटना तक जाता है। रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली से पटना की यात्रा करीब 21 घंटे की होगी। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले बिहार के लोगों के लिए त्योहारों के समय घर लौटना अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है। नियमित ट्रेनों में टिकट की मांग काफी बढ़ जाती है और कई यात्रियों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ता है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं। रेलवे का उद्देश्य भीड़ को अलग-अलग सेवाओं में बांटना और प्रमुख रूटों पर यात्री दबाव को नियंत्रित करना है। स्पेशल ट्रेनें अक्सर सीमित अवधि के लिए और निर्धारित दिनों पर चलाई जाती हैं। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले ट्रेन नंबर, यात्रा की तारीख, प्रस्थान समय और ठहराव की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जांच लेनी चाहिए। त्योहारी सीजन में टिकट की मांग तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए यात्रा की योजना पहले बनाने और उपलब्ध सीटों की स्थिति समय रहते देखने की सलाह दी जाती है। दिल्ली-पटना रूट पर एक वंदे भारत स्पेशल चलाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। हालांकि यह प्रस्तावित सेवा है और इसे रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी बताया गया है। इसलिए इसे अभी नियमित रूप से घोषित ट्रेन नहीं माना जाना चाहिए। यात्रियों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है कि जिन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की सेवा घोषित की जा चुकी है, वे अलग हैं और प्रस्तावित वंदे भारत सेवा अलग योजना है। दिवाली और छठ के दौरान दिल्ली से बिहार की ओर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। खासकर पटना, गया, दानापुर और उत्तर बिहार से जुड़े रूटों पर घर लौटने वाले यात्रियों की मांग बढ़ती है। इसी अतिरिक्त मांग को देखते हुए रेलवे ने अलग-अलग रूटों पर फेस्टिवल स्पेशल सेवाओं की संख्या और अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। दिवाली और छठ से पहले दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था राहत देने वाली है। नई दिल्ली-पटना और दिल्ली-गया के बीच अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों को नियमित ट्रेनों के अलावा एक और विकल्प मिलेगा। हालांकि, यात्रा से पहले ट्रेन का ताजा शेड्यूल और सीट उपलब्धता जरूर जांचना जरूरी होगा।नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन से यात्रियों को राहत
दिल्ली से गया के लिए भी अतिरिक्त रेल सेवा
10 अक्टूबर से शुरू होने वाली नई सेवा भी अहम
किन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा?
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
वंदे भारत स्पेशल का प्रस्ताव अलग मामला
त्योहारों में रेलवे पर बढ़ता दबाव
निष्कर्ष
दिवाली-छठ से पहले दिल्ली से पटना और गया के लिए स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत






