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कई राज्यों में मौसम बदला, भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी


नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी दिनों में भी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 सितंबर 2026 के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम चेतावनी जारी की है। खास तौर पर उत्तराखंड और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बारिश की गतिविधियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।

उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

IMD के ताजा उपखंड-वार पूर्वानुमान के मुताबिक आज उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात, पहाड़ी मार्गों और निचले इलाकों पर असर पड़ सकता है। विभाग ने अगले दिनों के लिए इस उपखंड में आज के बाद कोई समान स्तर की चेतावनी दर्ज नहीं की है।

ऐसे मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान अचानक जलभराव, भूस्खलन या रास्तों पर मलबा आने जैसी स्थानीय परिस्थितियां बन सकती हैं।

अंडमान-निकोबार में बारिश के साथ गरज-चमक

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी आज भारी बारिश के साथ Thunderstorm और Lightning की चेतावनी जारी है। IMD के मुताबिक 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भी गरज-चमक से जुड़ी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

द्वीप समूह में समुद्र से जुड़े काम और आवाजाही करने वाले लोगों के लिए मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।

तेलंगाना में गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

दक्षिण भारत में तेलंगाना के लिए भी आज मौसम चेतावनी जारी की गई है। IMD के 28 सितंबर के अपडेट में राज्य में Thunderstorm, Lightning और Squall जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि 29 सितंबर से आगे के दिनों के लिए उपखंड-स्तर पर कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है।

गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंची या अलग-थलग संरचनाओं से दूरी बनाए रखना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है।

दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों पर भी नजर

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों में सितंबर के अंतिम चरण में स्थानीय स्तर पर बारिश और आंधी-गरज की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि हर राज्य और हर जिले के लिए चेतावनी का स्तर एक जैसा नहीं है, इसलिए स्थानीय IMD केंद्र और जिला प्रशासन की चेतावनियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

मौसम बदलने से क्या हो सकता है असर?

तेज बारिश और आंधी-गरज की स्थिति में कुछ स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में पानी जमा होने, दृश्यता कम होने और बिजली गिरने जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए मौसम खराब होने की स्थिति में गैर-जरूरी यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना उपयोगी रहेगा।

लोगों के लिए जरूरी सावधानी

मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए। बिजली चमकने और गरजने के समय पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्के स्थान पर जाना बेहतर है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

निष्कर्ष

सितंबर के अंतिम दिनों में देश के कुछ हिस्सों में मौसम अभी भी सक्रिय बना हुआ है। उत्तराखंड में भारी बारिश, अंडमान-निकोबार में बारिश के साथ गरज-चमक और तेलंगाना में Thunderstorm तथा Lightning का अलर्ट आज के प्रमुख मौसम अपडेट हैं। मौसम की स्थिति क्षेत्र के अनुसार तेजी से बदल सकती है, इसलिए यात्रियों और आम लोगों को IMD तथा स्थानीय प्रशासन के ताजा निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए।