नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था के लिए अक्टूबर 2026 का महीना सकारात्मक संकेत लेकर आया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में केंद्र और राज्यों का कुल जीएसटी राजस्व बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में यह 22.9 प्रतिशत अधिक है। अक्टूबर महीने में जीएसटी संग्रह में आई इस तेजी के पीछे त्योहारी सीजन की मांग को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ने से कारोबार को गति मिली। इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, कपड़ों और अन्य उपभोक्ता उत्पादों की बिक्री में बढ़ोतरी ने आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान की। त्योहारों के दौरान लोगों की खर्च करने की क्षमता और खरीदारी में आई तेजी का असर वस्तुओं एवं सेवाओं के कारोबार पर भी दिखाई दिया। इसका सकारात्मक प्रभाव जीएसटी राजस्व के आंकड़ों में सामने आया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी संग्रह में लगातार बेहतर प्रदर्शन देश में खपत, व्यापारिक गतिविधियों और बाजार की सक्रियता का महत्वपूर्ण संकेतक है। अधिक कर संग्रह से सरकार को विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व उपलब्ध होता है। इसके अलावा, जीएसटी व्यवस्था के तहत कर अनुपालन में सुधार, डिजिटल लेनदेन का विस्तार और कारोबार के औपचारिक क्षेत्र में आने से भी राजस्व संग्रह को समर्थन मिलता है। अक्टूबर में 2.31 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत होती गतिविधियों को दर्शाता है। सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत की वृद्धि इस बात का संकेत है कि त्योहारी मांग के साथ-साथ देश में व्यापारिक लेनदेन भी तेजी से आगे बढ़ा है। आने वाले महीनों में जीएसटी संग्रह का प्रदर्शन घरेलू मांग, औद्योगिक गतिविधियों और कारोबारी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल अक्टूबर के आंकड़ों ने सरकार के राजस्व संग्रह और अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर सकारात्मक उम्मीदें बढ़ा दी हैं।त्योहारी सीजन ने बढ़ाई बाजारों की रफ्तार
आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत
सरकार के लिए सकारात्मक संकेत
अक्टूबर में जीएसटी संग्रह ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2.31 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा राजस्व






