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आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासु, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चले तेज झोंके; हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए


अमरावती/नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी। तूफान के प्रभाव से समुद्र में तेज हलचल के साथ तटीय क्षेत्रों में शक्तिशाली हवाएं चलीं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया था। एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को जोखिम वाले इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बताया गया है कि तट से टकराने के दौरान चक्रवात की हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसके कारण तटीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

तटीय इलाकों में राहत और बचाव अभियान

चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की। राहत शिविरों में लोगों के ठहरने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही समुद्र तटों और निचले इलाकों में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

ओडिशा और तमिलनाडु में भी अलर्ट

चक्रवात के प्रभाव और उससे जुड़े मौसमीय बदलावों को देखते हुए ओडिशा तथा तमिलनाडु में भी प्रशासन सतर्क है। संबंधित क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तेज हवाओं और संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

बिजली, परिवहन और जनजीवन पर असर की आशंका

तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासनिक एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने पर जोर दे रही हैं।

फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।