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सिमडेगा में कृषि को टिकाऊ बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम!


​आज नगर भवन, सिमडेगा में आयोजित रबी कर्मशाला सह ‘खेत बचाओ अभियान’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिले के अन्नदाताओं को आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती के तौर-तरीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

​💡 मुख्य बातें जो हमें ध्यान रखनी हैं:
🟢 मिट्टी की सेहत सर्वोपरि: धान कटाई के बाद खाली खेतों में रबी फसलों (दलहन, तिलहन, गेहूं, चना, मटर, मसूर आदि) की खेती करें। फसल विविधीकरण से आय के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।

🟢 मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग: रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचें। मिट्टी की जांच के आधार पर ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें ताकि हमारी उपजाऊ भूमि की सेहत बनी रहे।

🟢 मिलेट्स (मोटे अनाज) और जैविक खेती: जलवायु अनुकूल कृषि अपनाते हुए रागी जैसी फसलों, जैविक खाद और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को अपनाएं।

📅 ‘खेत बचाओ अभियान’: कृषि विभाग द्वारा 30 नवंबर 2026 तक यह अभियान चलाया जा रहा है, जिससे जुड़कर हमारे किसान भाई-बहन अधिक लाभ कमा सकते हैं।

समय पर पंजीकरण हम सभी का कानूनी अधिकार और सामाजिक दायित्व है, आइए इसे सुनिश्चित करें।

​आइए, हम सब मिलकर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, अपनी माटी को बचाएं और सिमडेगा की कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं!