नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने माध्यमिक स्तर पर शिक्षा को अधिक उपयोगी और कौशल आधारित बनाने की दिशा में नई पहल की है। बोर्ड ने कक्षा 9वीं और 10वीं में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य करने से संबंधित अपडेट जारी किया है। इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार से जुड़े कौशल सिखाना है। नई पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा। इससे छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग कौशल सीख सकेंगे। तकनीकी समझ, कार्यक्षमता और वास्तविक परिस्थितियों में समस्याओं का समाधान करने की योग्यता विकसित करना भी इस व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। सीबीएसई की इस पहल से स्कूली शिक्षा में व्यावहारिक गतिविधियों का महत्व बढ़ने की उम्मीद है। विद्यार्थियों को भविष्य में उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में व्यावसायिक शिक्षा उपयोगी साबित हो सकती है। नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन में संबद्ध स्कूलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। शिक्षण संस्थानों को बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम, दिशा-निर्देशों और मूल्यांकन संबंधी नियमों के अनुरूप व्यवस्था करनी होगी। शिक्षा के क्षेत्र में इस बदलाव को विद्यार्थियों को कम उम्र से ही आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसके विषयवार पाठ्यक्रम, समय-सारणी और लागू होने की विस्तृत शर्तों के लिए सीबीएसई की आधिकारिक अधिसूचना देखना आवश्यक है।स्कूली स्तर से ही मिलेगी व्यावहारिक जानकारी
किताबी ज्ञान के साथ कौशल विकास पर जोर
स्कूलों को करना होगा तैयारी
CBSE का नया शिक्षा अपडेट: नौवीं और दसवीं के छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा देना होगा जरूरी, कौशल विकास पर रहेगा फोकस






