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जिंदगी अनमोल है पुलिस से बचने के लिए नहीं, अपनी सुरक्षा के लिए पहनें हेलमेट—पलामू एसपी कपिल चौधरी की दो टूक अपील



​मेदिनीनगर (पलामू):
सड़क हादसों में असमय जाने वाली जिंदगियों को बचाने और लोगों को जागरूक करने के लिए पलामू के पुलिस अधीक्षक (SP) कपिल चौधरी ने एक बेहद संवेदनशील और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट को सिर्फ एक औपचारिकता या पुलिस के डर से पहनने की वस्तु न समझें, बल्कि इसे अपने जीवन की ढाल मानें।
​पीछे बैठने वाले भी रहें सावधान, महिलाओं के लिए भी नियम जरूरी'
​एसपी ने विशेष जोर देते हुए कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि बाइक चलाने वाला तो हेलमेट पहन लेता है, लेकिन पीछे (पिलियन राइडर) बैठने वाला व्यक्ति इस नियम की अनदेखी करता है।
​उन्होंने स्पष्ट किया कि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति—विशेषकर महिलाओं—को भी उतनी ही अनिवार्यता के साथ हेलमेट पहनना चाहिए। दुर्घटना किसी का लिहाज नहीं करती और लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
​महिला जवान की दुर्घटना ने खोली आंखें, हेलमेट ने बचाई जान
​अपनी बात को पुख्ता करते हुए एसपी कपिल चौधरी ने 1 नवंबर को छतरपुर में हुई एक दुर्घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस हादसे के दौरान संबंधित महिला पुलिस जवान ने हेलमेट पहन रखा था, जिसके कारण उन्हें केवल हल्की चोटें आईं और एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि हेलमेट सिर को गंभीर और घातक चोटों से बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।
​पलामू पुलिस की खास अपील के मुख्य बिंदु
​कानूनी डर नहीं, आत्म-सुरक्षा यातायात नियमों का पालन सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए है।
​सवारी दोनों के लिए बाइक चलाने वाले और पीछे बैठने वाले—दोनों का हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
​थोड़ी सी सावधानी, जीवन रक्षा: सफर के दौरान थोड़ी सी सतर्कता किसी बड़े हादसे से बचा सकती है।
​पलामू पुलिस का साफ संदेश:
‘आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।’
आइए, जिम्मेदार नागरिक बनें और खुद भी हेलमेट पहनें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।