पलामू: झारखंड के पलामू जिले में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास की मिसाल पेश की है। मलय नदी पर लंबे समय से पुल नहीं बनने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद आगे आकर श्रमदान के जरिए नदी पार करने के लिए रास्ता तैयार कर लिया। स्थानीय लोगों के लिए नदी पार करना रोजमर्रा की बड़ी चुनौती बना हुआ था। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कामकाज के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पुल के अभाव में ग्रामीणों का संपर्क आसपास के इलाकों से प्रभावित हो रहा था। लगातार परेशानी झेलने के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से रास्ता बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद लोगों ने अपने स्तर पर श्रमदान किया और आवागमन योग्य रास्ता तैयार करने में जुट गए। इस पहल में ग्रामीणों की एकजुटता और स्थानीय स्तर पर समस्या के समाधान की इच्छाशक्ति देखने को मिली। ग्रामीणों के इस प्रयास ने एक ओर सामुदायिक सहयोग की मिसाल पेश की है, वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मलय नदी पर जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात समेत पूरे वर्ष सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को अस्थायी रास्तों पर निर्भर न रहना पड़े।
सरकारी इंतजार छोड़ ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी, श्रमदान से मलय नदी पर बनाया आवागमन का रास्ता






