पलामू: जिले में ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के तहत चल रही गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान लखपति किसान योजना की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। योजना के निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले अपेक्षित उपलब्धि नहीं मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। इस मामले में चैनपुर, हुसैनाबाद और पांडू प्रखंड के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उपायुक्त ने आजीविका से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाना और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे में लखपति किसान योजना की धीमी प्रगति को गंभीरता से लिया जा रहा है। तीन प्रखंडों के BPM से जवाब तलब किए जाने को योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के प्रति प्रशासन की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
लखपति किसान योजना की धीमी रफ्तार पर पलामू डीसी सख्त, तीन प्रखंडों के BPM से मांगा जवाब






