धनबाद, 29 अक्टूबर 2026। झारखंड के धनबाद में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर कथित रूप से अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल करने वाले 73 लोगों को पकड़ा गया। विभाग ने इन मामलों में कुल 11.22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही संबंधित स्थानीय थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य बिजली के अवैध इस्तेमाल को रोकना और बिजली वितरण व्यवस्था में होने वाले राजस्व नुकसान को कम करना है। बिजली विभाग के धनबाद एरिया बोर्ड की ओर से बुधवार को विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत कुल 649 स्थानों पर छापेमारी और जांच की गई। अभियान में धनबाद तथा चास सर्किल के अलग-अलग विद्युत प्रमंडलों को शामिल किया गया था। जांच के दौरान विभागीय टीमों ने बिजली कनेक्शन, मीटर और बिजली के इस्तेमाल से संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल की। जिन स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान धनबाद सर्किल में 359 स्थानों पर जांच की गई। यहां कथित बिजली चोरी के 30 मामले सामने आए। इन मामलों में कुल 3.83 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, चास सर्किल में 290 स्थानों पर छापेमारी की गई। यहां 43 लोगों को बिजली चोरी के आरोप में पकड़ा गया और कुल 7.39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार दोनों सर्किलों में मिलाकर 73 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जुर्माने की कुल राशि 11.22 लाख रुपये रही। धनबाद सर्किल के अंतर्गत विभिन्न विद्युत प्रमंडलों में अलग-अलग टीमें तैनात की गई थीं। धनबाद डिवीजन में 77, गोविंदपुर में 56, निरसा में 119 और झरिया में 107 स्थानों पर छापेमारी की गई। चास सर्किल के अंतर्गत चास डिवीजन में 107, लोयाबाद में 90 और तेनुघाट डिवीजन में 93 स्थानों पर जांच की गई। विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली चोरी की शिकायतों और संभावित अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की। बिजली चोरी से वितरण कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता है। अवैध कनेक्शन, मीटर में छेड़छाड़ या बिना अनुमति बिजली का इस्तेमाल करने से बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए विभाग समय-समय पर जांच और छापेमारी अभियान चलाता है। इस तरह की कार्रवाई में दोषी पाए जाने वाले लोगों पर आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, प्रत्येक मामले में अंतिम जिम्मेदारी और दंड का निर्धारण संबंधित जांच, उपलब्ध साक्ष्यों तथा लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। धनबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद बिजली चोरी के मामलों पर विभाग की निगरानी बढ़ने की संभावना है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे वैध बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल करें, मीटर से छेड़छाड़ न करें और बिजली संबंधी नियमों का पालन करें। निष्कर्ष: धनबाद एरिया बोर्ड के अभियान में 649 स्थानों की जांच के दौरान 73 लोगों को बिजली चोरी के आरोप में पकड़ा गया। विभाग ने कुल 11.22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई। यह कार्रवाई बिजली के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने और राजस्व की सुरक्षा के प्रयासों का हिस्सा है।649 स्थानों पर की गई जांच
धनबाद और चास सर्किल में मिले मामले
निरसा और झरिया में भी चला अभियान
बिजली चोरी रोकने के लिए सख्ती
आगे भी जारी रह सकती है जांच
धनबाद में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 73 लोग पकड़े गए; 11.22 लाख रुपये का जुर्माना






