चना दाल वितरण में लापरवाही पर जांच ठंडे बस्ते में, आखिर किसे बचा रहा आपूर्ति विभाग?
आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं, गरीब लाभुकों के हक पर उठ रहे सवाल
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
चतरा। जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों द्वारा लाभुकों के बीच चना दाल का वितरण नहीं किए जाने का मामला अब आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। जदयू जिलाध्यक्ष सह भाजपा सांसद प्रतिनिधि राम आशीष कुमार ने इस मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, चतरा को पत्र देकर जांच और दोषी दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक जांच नहीं होने का आरोप सामने आ रहा है।आवेदन में आरोप लगाया गया था कि जून 2025 की चना दाल का उठाव जून 2026 में हुआ, लेकिन जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों ने ई-पॉस मशीन में फिंगरप्रिंट नहीं लगने का हवाला देकर लाभुकों को चना दाल नहीं दी। आरोप यह भी है कि विभागीय निर्देश के बावजूद चतरा प्रखंड एवं नगर क्षेत्र में चना दाल का वितरण नहीं किया गया।इस मामले में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, उपायुक्त, खाद्य सुरक्षा मंत्री और खाद्य सुरक्षा विभाग के मुख्य सचिव को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई थी। इसके बावजूद यदि अब तक जांच और कार्रवाई नहीं हुई है, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर गरीब लाभुकों के हक से जुड़े इस मामले में विभागीय स्तर पर देरी क्यों हो रही है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब चना दाल का उठाव हुआ था, तो उसका वितरण क्यों नहीं किया गया? क्या विभाग ने दुकानदारों से वितरण का रिकॉर्ड मांगा? ई-पॉस मशीन में फिंगरप्रिंट नहीं लगने की शिकायत की सत्यता की जांच हुई या नहीं? यदि दाल का वितरण नहीं हुआ, तो उसका स्टॉक कहां है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
मामले में किसी अधिकारी या दुकानदार की मिलीभगत का निष्कर्ष जांच के बिना निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में विभाग की जवाबदेही तय करना जरूरी है। जिला प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कराए, स्टॉक और वितरण पंजी का सत्यापन करे तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करे।अब सवाल यह है कि गरीबों के हिस्से की चना दाल आखिर कहां गई और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी? चतरा के लाभुकों को जवाब और उनका हक मिलने का इंतजार है।


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