BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

शेयर बाजार में भारी बिकवाली, Sensex 1,124 अंक लुढ़का; Nifty 22,800 के नीचे


मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 28 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा और दिन के दौरान Sensex में 1,100 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं Nifty 50 भी 22,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी को प्रमुख कारणों में गिना गया।

Sensex और Nifty में तेज गिरावट

कारोबार के अंत में BSE Sensex 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ। दिन के दौरान Sensex करीब 1,180 अंक तक नीचे चला गया।

दूसरी ओर, NSE का Nifty 50 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,780.25 पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए लगभग छह महीने के निचले स्तरों में रहा।

महंगा कच्चा तेल बना बड़ी चिंता

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से जुड़ा रहा। Brent crude की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर आयात बिल, महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

West Asia तनाव का असर

West Asia में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ी अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। Strait of Hormuz से जुड़ी स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता ने तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर बाजार की चिंता बढ़ाई है।

इसी वजह से निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सतर्कता बढ़ाई और भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी दबाव की वजह

बाजार में गिरावट के पीछे केवल तेल की कीमतें ही नहीं, बल्कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी को भी महत्वपूर्ण कारक बताया गया। अमेरिकी 10-year Treasury yield करीब 5.2 प्रतिशत के आसपास पहुंचने से उभरते बाजारों में विदेशी निवेश को लेकर चिंता बढ़ी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

सितंबर में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार के लिए दबाव का एक कारण रही। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब ₹17,131 करोड़ की निकासी की है।

बाजार पूंजीकरण में बड़ी कमी

सोमवार की गिरावट का असर कंपनियों के कुल बाजार मूल्य पर भी पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब ₹8.92 लाख करोड़ घटकर लगभग ₹474 लाख करोड़ रह गया।

आगे बाजार किन संकेतों पर नजर रखेगा?

अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, West Asia की स्थिति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुख पर रहेगी। इन संकेतकों में बदलाव आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष

28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। Sensex 1,124 अंक और Nifty 360 अंक से ज्यादा गिरकर बंद हुए। महंगा कच्चा तेल, West Asia का भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती वैश्विक यील्ड और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारकों में रहे।