• जीएसटी में आम आदमी का ख्याल
    जीएसटी में आम आदमी का ख्यालसंपादकीय.एक जुलाई से जब पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होगा तब करों का पूरा ढांचा बदलने के साथ 'एक देश, एक कर' की परिकल्पना जमीनी हकीकत ...
  • त्वरित न्याय मिले तो कैसे?
    त्वरित न्याय मिले तो कैसे?रमेन दासगुप्ता 'शुभ्रो'भारत के विभिन्न न्यायालयों में लम्बित मामलों की संख्या लगभग तीन करोड़ है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में न्यायालयों पर कितन...
  • छापेमारी पर उठती अंगुलियां
    छापेमारी पर उठती अंगुलियांसंपादकीयआयकर विभाग और सीबीआई द्वारा मंगलवार को क्रमश: राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के करीबियों और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति च...
  • सुरक्षा बलों  के बंधे हाथ
    सुरक्षा बलों के बंधे हाथराज सक्सेनाकुछ नियमों और कुछ न्यायिक निर्णयों से प्रतिबद्ध अर्द्ध-सैनिक बलों की क्या दुर्दशा हो रही है, इसके दो उदाहरण हाल के दिनों में सामने आये हैं।...
  • कब खत्म होगा ईवीएम विवाद?
    कब खत्म होगा ईवीएम विवाद?उपेन्द्र प्रसादपिछले 12 मई को भारत के निर्वाचन आयोग ने चुनाव सुधारों को लेकर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया। इस समय ईवीएम द्वारा चुनाव नतीजों को प्रभा...
  • बिहार में राजनैतिक पैंतरेबाजी
    बिहार में राजनैतिक पैंतरेबाजीअरुण श्रीवास्तवलालू प्रसाद यादव के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी पिछले एक महीने से भी ज्यादा दिनों से अभियान चला रही थी। इसके तहत भाजपा नेता सुशील मोदी लगा...
  • दिमाग में लाल बत्ती की ठसक बरकरार
    दिमाग में लाल बत्ती की ठसक बरकरारएमएच बाबूगाड़ियों से लाल बत्ती उतारने का फरमान जारी हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं। नेताओं ने अपनी गाड़ियों की लाल बत्तियां उतारने में तनिक भी देरी नहीं ...
  • बुलेट नहीं बैलेट की राह
    बुलेट नहीं बैलेट की राहसंपादकीयहार्डकोर नक्सली कुंदन पाहन का समर्पण उन नक्सलियों के लिए एक सकारात्मक संदेश है, जिन्होंने कभी व्यवस्था से हताश-निराश हो कर अपने कंधे पर बंदूक ...
  • भारत का सही दिशा में सही फैसला
    भारत का सही दिशा में सही फैसलासंपादकीयभारत द्वारा चीन के वन बेल्ट-वन रोड सम्मेलन के बहिष्कार के फैसले को किसी भी दृष्टिकोण से गैरवाजिब नहीं कहा जा सकता है क्योंकि चीनी राष्ट्रपति श...
  • मां जैसी कोई नहीं
    मां जैसी कोई नहींनिभा रंजन सुमनमां दुनिया का सबसे पावन और सबसे दिलकश शब्द है। इस एक शब्द मैं पूरी कायनात के प्यार का अमृत-रस समाहित है। किसी ने सच ही कहा है कि स्वर्ग ...
  • ऐसे शुरू हुआ
    ऐसे शुरू हुआ 'मदर्स डे'संजय कुमार 'सुमन'पश्चिमी देशों में जहां भोगवादी संस्कृति सबसे पहले आई और आत्मिक संबंधों में विच्छिन्नता का दौर शुरू हुआ, वहां भी मां और बच्चों का संबं...
  • अनमोल है मां
    अनमोल है मांरश्मि किरण बच्चे जब से इस दुनिया में होश सम्भालते हैं, सर्वप्रथम मां को हीं जानते हैं। लगभग हर बच्चे के मुख से निकली पहली ध्वनि होती है 'म'। हम आदि शक...
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